बेंगलुरु, कर्नाटक | परिवर्तन संवाददाता
महेश्वरी समाज की प्रतिष्ठित संस्था महेश्वरी सभा बेंगलुरु एक बड़े वित्तीय विवाद में फँसती नज़र आ रही है। समाचार परिवर्तन साप्ताहिक पत्र ने सभा पर समाचार सदस्यता राशि हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में अब कानूनी कार्रवाई की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है, और पुलिस शिकायत भी दर्ज कर दी गई है।
2018 में हुआ था समझौता
वर्ष 2018 में महेश्वरी सभा बेंगलुरु की तत्कालीन समिति ने अपने समाज के सभी 1118 सदस्यों के लिए हिंदी साप्ताहिक पत्र “समाचार परिवर्तन” की सदस्यता ली थी। उस समय समिति के पदाधिकारियों ने प्रकाशक को ईमेल के माध्यम से सभी सदस्यों की सूची भेजकर पत्र की आपूर्ति शुरू करने का आग्रह किया था।
समाचार परिवर्तन ने इस अनुरोध के अनुसार एक वर्ष से अधिक समय तक नियमित रूप से सभी सदस्यों को अखबार भेजने का कार्य किया। लेकिन जब भुगतान की बारी आई, तो महेश्वरी सभा ने टालमटोल की नीति अपनाई।
भुगतान से बचने का प्रयास
सभा के कुछ पदाधिकारियों ने बार-बार यह कहकर भुगतान टाला कि “समिति बदल गई है, हम जल्द भुगतान करेंगे” — लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी राशि का भुगतान नहीं किया गया।
समाचार परिवर्तन कार्यालय द्वारा कई बार फोन और व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क करने के बावजूद किसी भी अध्यक्ष या सचिव ने जिम्मेदारी नहीं ली।
लीगल नोटिस और अब पुलिस कार्रवाई
लंबे इंतजार के बाद, 2025 में समाचार परिवर्तन ने महेश्वरी सभा को एक कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें ब्याज सहित बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की गई।
सभा की ओर से जो जवाब आया, वह न केवल हास्यास्पद था बल्कि अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना भी। उन्होंने कहा —
“यह अखबार तो आपने हमें मुफ्त में भेजा था, इसलिए हम भुगतान नहीं करेंगे।”
इस हल्के और तर्कहीन उत्तर के बाद समाचार परिवर्तन की कानूनी टीम ने अब पुलिस शिकायत दर्ज कर ली है और अदालत में मामला ले जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
समाज में बढ़ी नाराज़गी
समाज के कई वरिष्ठ सदस्यों ने इस प्रकरण को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि —
“इतनी प्रतिष्ठित संस्था होकर अगर महेश्वरी सभा मीडिया संगठन को ठगने लगे, तो यह पूरे समाज के लिए शर्म की बात है।”
आगे की कार्यवाही
समाचार परिवर्तन ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि उन तथाकथित ‘लंपट’ सदस्यों को उजागर करना है जो समाज के नाम पर कार्य करते हैं लेकिन अपने दायित्वों से भागते हैं।
समाचार परिवर्तन की टीम ने कहा —
“हम उन लोगों के खिलाफ आवाज़ उठाते रहेंगे जो ईमानदारी से किए गए कार्यों का भुगतान नहीं करते और समाज में झूठी अफवाहें फैलाते हैं। न्याय और पारदर्शिता के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”