बेंगलुरु | — श्री सालासर बालाजी सेवा समिति की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। यह ट्रस्ट 23 जून 2022 को जयनगर उप-पंजीयक कार्यालय में दस्तावेज़ संख्या SHR-4-00340-2022-23 के तहत पंजीकृत है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ट्रस्ट ने दान, ट्रस्टीशिप शुल्क और लाइफ मेंबरशिप से ₹20 करोड़ से अधिक राशि एकत्र की है, लेकिन उसके लेखा-जोखा और ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
शिकायत में कहा गया है कि ट्रस्ट का संचालन मुख्य रूप से अध्यक्ष प्रमोद मुरारका, उपाध्यक्ष सतीश मित्तल, सचिव मनीत सोनी, कोषाध्यक्ष राजकमल गणेरिवाल और निर्माण समिति के अध्यक्ष संजय शाह के छोटे समूह के माध्यम से होता है। यह भी आरोप है कि प्राप्त दान की एक बड़ी हिस्सेदारी नकद में बिना रसीद ली गई और कई खर्च भी नकद के माध्यम से किए गए।
मामला तब दोबारा चर्चा में आया जब ट्रस्ट ने 11 जनवरी 2026 को kanakpura रोड स्थित प्रेस्टिज सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में ‘चक्रव्यूह’ नामक कार्यक्रम आयोजित किया, जहां—शिकायतकर्ताओं के अनुसार—आय और व्यय दोनों ही बड़े पैमाने पर नकद आधारित रहे।
इस संबंध में एक औपचारिक शिकायत सार्वजनिक शिकायत पोर्टल पर सफलतापूर्वक दर्ज की गई है। शिकायत का पंजीकरण क्रमांक CBODT/E/2026/0001094 है, जिसके माध्यम से संबंधित अधिकारियों से फंड प्रवाह, लेखा पद्धति और वैधानिक अनुपालना की जांच की मांग की गई है।
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। रिपोर्ट दर्ज किए जाने तक ट्रस्ट के पदाधिकारियों से प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो पाई।