कर्नाटक मारवाड़ी समाज पर सरकारी शिकंजा, रजिस्ट्रार का नोटिस; जवाब नहीं दिया तो होगी कानूनी कार्रवाई

कर्नाटक मारवाड़ी समाज पर सरकारी शिकंजा, रजिस्ट्रार का नोटिस; जवाब नहीं दिया तो होगी कानूनी कार्रवाई

बेंगलुरु: कर्नाटक मारवाड़ी समाज के खिलाफ दर्ज शिकायत ने अब आधिकारिक जांच का रूप ले लिया है। कर्नाटक सरकार के सहकारिता विभाग के अंतर्गत सहकारी समितियों एवं सोसाइटी रजिस्ट्रार कार्यालय, बेंगलुरु शहरी जिला ने संस्था को नोटिस जारी कर आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है।

2 अप्रैल 2026 को जारी इस नोटिस में कर्नाटक मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष और सचिव को निर्देश दिया गया है कि शिकायत में उठाए गए बिंदुओं पर सात दिनों के भीतर लिखित जवाब और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। यह कार्रवाई 27 मार्च 2026 को श्री प्रशांत गोयनका द्वारा दायर शिकायत के आधार पर की गई है।

नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा दी गई यह चेतावनी संकेत देती है कि मामला अब केवल शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि औपचारिक जांच और नियामकीय समीक्षा के दायरे में प्रवेश कर चुका है।

सूत्रों के अनुसार शिकायत में संस्था के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। हालांकि जांच पूरी होने से पहले आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सरकारी नोटिस जारी होना अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

बेंगलुरु के प्रमुख सामुदायिक संगठनों में गिने जाने वाले कर्नाटक मारवाड़ी समाज की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि संस्था ने रजिस्ट्रार कार्यालय को मांगा गया स्पष्टीकरण सौंप दिया है या नहीं।

सरकारी नोटिस के बाद समाज और व्यापारिक समुदाय के बीच इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजरें रजिस्ट्रार कार्यालय की अगली कार्रवाई और जांच के संभावित निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं। यदि जांच में शिकायत के आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला संस्था के प्रशासन और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है।

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