नई दिल्ली:** Sikkim को ULLAS (Understanding of Lifelong Learning for All in Society) पहल के तहत आधिकारिक रूप से पूर्ण साक्षर राज्य घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि राज्य की शिक्षा यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर मानी जा रही है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia ने सिक्किम की जनता को बधाई देते हुए इसे ऐतिहासिक क्षण बताया।
उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “साक्षर सिक्किम अब हकीकत बन चुका है। ULLAS के तहत सिक्किम को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया जाना राज्य के लिए एक ऐतिहासिक पल है।” सिंधिया ने कहा कि शिक्षा किसी भी सशक्त और विकसित क्षेत्र की नींव होती है और यह उपलब्धि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘विकसित नॉर्थ ईस्ट’ के विजन को दर्शाती है।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा, “एक सशक्त और विकसित क्षेत्र की नींव शिक्षा है और यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित पूर्वोत्तर के विजन को प्रतिबिंबित करती है। सिक्किम की जनता को हार्दिक बधाई।” इससे पहले 16 मई को सिक्किम के 51वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने पहुंचे सिंधिया ने कहा था कि प्रधानमंत्री का संकल्प सिक्किम की प्रगति और विकास है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री का विजन सिक्किम के विकास और उन्नति के लिए समर्पित है। उनकी सोच निरंतर प्रगति पर आधारित है।” सिंधिया ने राज्य में 360 करोड़ रुपये के मिशन का भी उल्लेख किया, जिसे पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) का समर्थन प्राप्त है। इस मिशन का उद्देश्य सिक्किम को वैश्विक स्तर पर प्रीमियम ऑर्गेनिक अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने बताया कि इस योजना से किसानों की आय बढ़ेगी, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को मजबूती मिलेगी, कोल्ड-चेन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार होगा तथा राज्य के 66 हजार से अधिक किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। ULLAS योजना के तहत पूर्ण साक्षर राज्य घोषित होने के बाद शिक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में सिक्किम की पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है।