नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधीने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी की हालिया सात अपीलों पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि जनता से त्याग की अपील करना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने लिखा कि प्रधानमंत्री लोगों से सोना न खरीदने, विदेश यात्रा टालने, पेट्रोल कम इस्तेमाल करने, खाद और खाने के तेल की खपत घटाने, मेट्रो और कारपूलिंग अपनाने तथा वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दे रहे हैं। राहुल ने कहा कि ये सुझाव नहीं बल्कि सरकार की नाकामी का संकेत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 वर्षों के शासन के बाद स्थिति ऐसी हो गई है कि सरकार लोगों को यह बताने लगी है कि क्या खरीदना है और क्या नहीं।
दरअसल, रविवार को सिकंदराबाद में आयोजित एक जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने आयात पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ा है और भारत जैसे तेल आयातक देशों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने पेट्रोल, गैस और डीजल की बचत के लिए वर्क फ्रॉम होम, मेट्रो यात्रा और कारपूलिंग जैसे उपाय अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खाने के तेल की खपत कम करने से विदेशी मुद्रा की बचत होगी और लोगों की सेहत भी बेहतर होगी। साथ ही उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को घटाकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही।
पीएम मोदी ने लोगों से कुछ समय तक विदेश यात्राएं टालने और सोने की खरीद कम करने का भी आग्रह किया। उनका कहना था कि सोने के आयात पर देश की बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
रिपोर्टों के अनुसार, भारत में सोने के आयात पर हर साल लाखों करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 6.40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, विदेश यात्राओं पर भारतीयों का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। उर्वरकों और कच्चे तेल के आयात पर बढ़ती निर्भरता के कारण वैश्विक संकट का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है।