समाचार परिवर्तन
बेंगलुरु (कर्नाटक):
कर्नाटक राज्य की राजधानी बेंगलुरु में स्थित महेश्वरी सभा के पदाधिकारियों पर सत्ता के नशे में अनियमितता और बेईमानी के गंभीर आरोप लगे हैं। समाज की प्रतिष्ठा को कलंकित करने वाले इन कृत्यों ने पूरे महेश्वरी समाज को शर्मसार कर दिया है।
वर्ष 2018 में महेश्वरी सभा द्वारा हिंदी साप्ताहिक पत्रिका “समाचार परिवर्तन” को संपूर्ण समाज के सदस्यों के लिए सब्सक्राइब किया गया था। इस दौरान महेश्वरी सभा की ओर से सभी सदस्यों की सूची ईमेल के माध्यम से दिक्षांत पब्लिकेशन को अधिकृत रूप से भेजी गई थी। उस ईमेल को उस समय सभा के अधिकृत प्रतिनिधि श्री आनंद राठी ने भेजा था तथा सभा के तत्कालीन अध्यक्ष श्री निर्मल तापडिया को भी उसकी प्रति (CC) भेजी गई थी।
कुछ महीनों बाद, जुलाई 2019 में, उन सदस्यों की एक संशोधित सूची पुनः भेजी गई जिनके नाम प्रारंभिक सूची में छूट गए थे, ताकि उन्हें भी समाचार पत्र की सेवा प्रारंभ की जा सके। एक वर्ष तक समाचार परिवर्तन द्वारा सेवा प्रदान करने के बाद भी महेश्वरी सभा ने बार-बार याद दिलाने के बावजूद बकाया राशि का भुगतान नहीं किया।
वर्ष 2018 से 2024 तक, महेश्वरी सभा के जितने भी अध्यक्ष और सचिव पद पर रहे, किसी ने भी अखबार की सेवा का भुगतान उचित नहीं समझा। परिणामस्वरूप, समाचार परिवर्तन ने 24 अक्टूबर 2025 को सभा को एक कानूनी नोटिस जारी कर बकाया राशि ब्याज सहित अदा करने की मांग की है। यदि भुगतान नहीं किया गया तो, संस्था 2018 से अब तक के सभी अध्यक्षों और उपाध्यक्षों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कर न्यायालय में वसूली का दावा दायर करेगी।
इतने संपन्न और प्रतिष्ठित समाज द्वारा इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत लज्जाजनक है। समाज की छवि बचाने का दावा करने वाले यह पदाधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर समाज की साख को धूमिल कर रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि समाज के वरिष्ठ सदस्य भी इस मुद्दे पर मौन हैं।
“समाज की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली यह घटना केवल आर्थिक बेईमानी नहीं, बल्कि नैतिक पतन का द्योतक है।”